Niyamwali
सेवा परमो धर्म:
अभ्युत्थान (ABHYUTTHAN NGO)
(सेल्फ केयर टीम) नियमावली
(हेल्पलाइन – 9999104461, 9999395240, 8851837774)
अभ्युत्थान समिति की स्थापना 27 अगस्त 2005 सोसाइटी एक्ट 1860 रजिस्टर्ड किया गया (S-53301/2005) सामाजिक कार्यों के लिए की गई समिति शिक्षा, चिकित्सा, खेल, महिला जागरूकता, पर्यावरण व अन्य क्षेत्र में कार्यरत है।
सेल्फ केयर टीम का लक्ष्य है कि इससे जुड़े हुए सभी वैधानिक सदस्य की अकस्मात् मृत्यु होने पर उसके परिवार को आर्थिक सहयोग किया जाए। ( मानलो की टीम में 2०००० सदस्य है उनमे से एक सदस्य की अकस्मात् मृत्यु हो जाती है तो बाकी सरे सदस्य उसे 50-50 रुपये की सहायता प्रदान करते है इस प्रकार दिवंगत परिवार की रूपए 10,00,000 से आर्थिक सहायता हो जाती है। जैसे जैसे सदस्यों की संख्या बढ़ेगी सहायता राशि भी बढ़ेगी )
- अभ्युत्थान समिति ASCT सेल्फ केयर टीम का गठन लोगों को आर्थिक सफलता देने के लिए किया गया है।
- ASCT से कौन जुड़ सकता है समाज के सभी वर्गों के लोग जुड़ सकते हैं चाहे तो किसी भी क्षेत्र में कार्यरत हो।
ASCT का मूल आधार – आज का सहयोग कल का सहारा।
मुख्य नियम सदस्यों हेतु – ASCT से जुड़ने के लिए वेबसाइट https://www.abhyutthan.org पर जाकर रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरना है और सदस्यता व् वार्षिक शुल्क ₹220 जमा करना है जिसमे सदस्यता शुल्क ₹100 (Life Time) साथ में ₹120 का व्यवस्था शुल्क वार्षिक जमा करके आप सदस्य बन सकते हैं।
ASCT के नियमावली पढ़कर व संतुष्ट होकर आप शुल्क जमा करें नियम जो पहले दिन से लागू है सदस्य हेतु।
- जो सहयोग करेगा उसको ही सहयोग मिलेगा।
- नियमावली पढ़कर सदस्यता शुल्क व्यवस्था जमा करवा कर आप स्थाई सदस्य बन सकते हैं।
- ASCT के सदस्य बनने के उपरांत WHATSAPP GROUP/TELEGRAM GROUP सप्ताह में काम से कम दो बार देखने की बाध्यता है जिससे आपको संबंधित सूचनाएं प्राप्त होती रहे तथा महत्वपूर्ण निर्णय लेने हेतु सदस्यों के विचार और सुझाव लिए जा सके फिर भी प्रयास रहता है जनपद ठीक वह अन्य साधन द्वारा सबको अपडेट रखा जाए जिससे दिवंगत परिवार के लिए राशि को एकत्रित करके समय पर दे दी जाए।
- ASCT हेल्पलाइन नंबर पर आप मैसेज व्हाट्सएप कर या 10 से 5 तक कॉल करके जानकारी आदान-प्रदान कर सकते हैं।
- सदस्यता शुल्क व्यवस्था शुल्क जमा करके सदस्य बनने पर आप 6-9 महीने के लॉक इन पीरियड समय में रहते हैं परंतु आपको सूचना मिलने पर दिवंगत परिवार के लिए सहयोग देना अनिवार्य है।
- नोट- आने वाले समय में जैसे सदस्यों की संख्या बढ़ेगी वैसे में LOCK IN PERIOD कम कर दिया जाएगा।
- दिवंगत परिवार को राशि केंद्रीय टीम व जिला टीम की जांच के उपरांत प्रदान की जाएगी जांच होने तक दिवंगत परिवार को संयम रखना होगा।
- वर्तमान समय में सहयोग प्राप्त करने हेतु सभी सदस्यों के सहयोग करना अनिवार्य है सदस्य बनने के बाद सदस्यों को सहयोग करना अनिवार्य है यह सहयोग राशि की रसीद ग्रुप में या संस्था का अपलोड करना आपके लिए अनिवार्य है।
- यदि कोई व्यक्ति सदस्य बनने के बाद सूचना मिलने पर कोई सहयोग नहीं करता ऐसी स्थिति में वह सदस्य वैधानिक सदस्य नहीं रहेगा नोट ऐसे सदस्य निकालने के बजाय लगातार सहयोग करने का प्रावधान देकर अपनी सदस्यता जारी रख सकते हैं।
- सुसाइड या किसी विवादित केस में जिला कोर टीम में संस्था को टीम आपस में सलाह मशवरा करके फैसला लेगी की सहयोग राशि जारी करनी है या नहीं।
- एक से अधिक सदस्यों की मृत्यु की स्थिति में तिथि के क्रम अनुसार से सहयोग राशि पर अदा की जाएगी।
- सेल्फ केयर टीम में सहयोग सीधे दिवंगत के खाते में या संस्था के खाते द्वारा अदा की जाती है इसके लिए किसी प्रकार की न्यायिक चुनौती देने का अधिकार किसी भी सदस्य को नहीं है।
- स्वेच्छा से कोई भी सदस्य कभी भी लिखित प्रार्थना पत्र देकर खुद को अलग कर सकता है।
- वार्षिक व्यवस्था शुल्क देना अनिवार्य है अभी तन समिति सेल्फ केयर टीम के नियमों में समय-समय पर यथा स्थिति देखते हुए केंद्रीय टीम व जिला टीम आपसी सहमति से नियमों में बदलाव किया जा सकेगा।
- यह सभी नियम सदस्य बनने के पहले दिन के लागू हैं कोई सदस्य यह दवा नहीं कर सकता मैंने यह नियम नहीं पढ़े या मुझे जानकारी नहीं है सारे नियम पढ़कर ही आप अपना सदस्य शुल्क व्यवस्था शुल्क जमा करें।
ASCT द्वारा हेल्पलाइन नंबर – 9999104461 सदस्यों की सुविधा हेतु जारी किया गया है, जिसपर कॉल / व्हाट्सएप्प के माध्यम से जानकारी का आदान प्रदान किया जा सकता है। कोई भी सदस्य इस नम्बर पर कॉल या मैसेज करके सूचना दे/ले सकता है।
(यह नियम व्यवस्था शुल्क के समय से लागू है)
धन्यवाद
अभ्युत्थान
